संख्या अध्याय
Advanced Simplications 2023-2024
1 गुरबाणी सत्संग - 10 - ज्ञान
2 गुरबाणी सत्संग - 9 - मन
3 गुरबाणी सत्संग - 8 - भक्ति
4 गुरबाणी सत्संग - 7 - रावण
5 गुरबाणी सत्संग - 6 - ध्यान
6 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 16 = वढीअह हथ दलाल के मुसफी एह करेई ।
7 विशेष रुकावट - 3 - उद्धार
8 विशेष रुकावट - 2 - विरह
9 विशेष रुकावट - 1 - आरती
10 आवश्यक तथ्य - 6 - सांसारिक व्यवहार(आवष्यक तथ्य)
11 अध्याय - 5 - त्यौहार अथवा फंदे(आवष्यक तथ्य)
12 बारह माह (3)
13 गुरबाणी सत्संग - 5 - भाणा
14 गुरबाणी सत्संग - 4 - नाम
15 गुरबाणी सत्संग - 3 - हुक्म
16 बारह माह (2)
17 गुरबाणी सत्संग - 2 - "गुरू"
18 “आंखमीच मग सूझ ना पाई ताहि अनन्त मिले किम भाई…..?”
19 गुरबाणी सत्संग - 1 - "धुर की वाणी"
20 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 15 = “पाठ पड़िओ अर बेद बीचारिओ निवल भुअंगम साधे”
21 अध्याय 1 मेरे साहिब जी (आवष्यक तथ्य)
22 आवष्यक तथ्य + ईलाज
23 आवश्यक तथ्य
24 अमल ही धर्म
25 बारह माह
26 बारह माह - 556Y
27 गुरबाणी कीर्तन
28 50 “ प्रकृति रूपी ईश ”
29 49. “भूत कालीन ईश”
30 गुरबाणी कीर्तन
31 48 “ किताबी ईश ”
32 47 “ मजबूरी ईश की ”
33 46. “ कल कलेश ”
34 45. “आदेश”
35 “ सत्गुरु ”
36 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 13 = “आसा मनसा बंधनी भाई करम धरम बंधकारी”
37 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 12 = “झूठ न बोल पान्डे सच कहीऐ ”
38 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर - संख्या - 11 = “कोई जानै कवन ईहा जग मीत ”
39 “ नानक अमृत एक है —— दूसर नाही कोये…!...? ”
40 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर - संख्या - 10 = “जो नर दुख मै दुख नही मानै”
41 ‘नानक दुखीआ सभ संसार’
42 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर - संख्या - 9 = “काचा धन”
43 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 8 = जैसी मै आवै खसम की बाणी
44 “ अमृत-नाम ”
45 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 7 =Maryada 0 P 2
46 “करम धरम” पाखंड जो दीसह - तिन जम जागाती लूटै ॥
47 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर संख्या 7 = Maryada P1
48 गुरबाणी सत्संग रूपी पोस्टर - संख्या - 6 = Oumपूर्णा
49 शुद्ध रूहानी सत्संग
50 “सृष्टि का सच्च”
51 “शरीर का खर्च”
52 " शरीर का सच "
53 Shudh Ruhani Satsang

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No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- जो हम को परमेसर उचर हैं - ते सभ नरक कुंड मह परिहैं ! ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- जो न भजंते नाराइणा - तिन का मै न करउ दरसना ! ----- काहे रे बन खोजन जाई -सरब निवासी सदा अलेपा तोही संग समाई । पुहप मध जिउ बास बसत है मुकर माह जैसे छाई - तैसे ही हरि बसे निरंतर घट ही खोजह भाई । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- कहा भयो जो दोऊ लोचन मूंद कै बैठ रहिओ बक ध्यान लगायो । नात फिरयो लिये सात समुद्रन लोक गयो परलोक गवायो । ----- साच कहों सूं लाहो सभाय - जिन प्रेम कीओ तिन ही प्रभ पाइओ । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- अंत काल नाराइण सिमरै ऐसी चिंता मह जे मरै - बदत तिलोचन ते नर मुकता पीत्मबर वा के रिदै बसै । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- प्राणी एको नाम धिआवहु - अपनी पत सेती घर जावहु । ----- कहत कबीर सुनहु रे प्रानी - छोडहु मन के भरमा । केवल नाम जपहु रे प्रानी - परहु एक की सरनां । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- हउमै नावै नाल विरोध है - दुई न वसह इक ठाई । ----- ब्रहमा बिसन महादेउ त्रै गुण रोगी विच हउमै कार कमाई । जिन कीए तिसह न चेतह बपुड़े हरि गुरमुख सोझी पाई । ----- हउमै रोग सभ जगत बिआपिआ तिन कउ जनम मरण दुख भारी । गुरप्रसादी को बिरला छूटै तिस जन कउ बलिहारी । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- हउमै दीरघ रोग है दारु भी इस माह । किरपा करे जे आपणी ता गुर का सबद कमाह । ----- कहा भूलिओ रे झूठे लोभ लाग - कछु बिगरिओ नाहिन अजहु जाग । ----- रैण गवाई सोइ कै दिवस गवाइआ खाइ । हीरे जैसा जनम है कउडी बदले जाइ । ----- रैन गई मत दिन भी जाइ - भवर गए बग बैठे आइ । ----- मै अंधुले की टेक तेरा नाम खुंदकारा । मै गरीब मै मसकीन तेरा नाम है अधारा । -----